25/12/2018 गुरु ज्ञान
🌹🎇 *शुभ रात्रि* 🎇🌹 🌷 *जय गुरुदेव* 🌷 कर्म ना कोई कनिष्ट है, ना कोई है महान, कर्म खिलता है कर्मोसे, कर्म है सबसे महान, हर कर्मोमें ज्ञान जन्मोंका, जन्म वर्ण है ज्ञान, ना कोई उँचा ना कोई नीचा, भेद करे वह अज्ञान। वैसे तो कोई जिव अज्ञान नहीं, ठिक समज ही है ज्ञान, हर जिवका आत्मा है ज्ञानी, नादानीमें प्रगटे अज्ञान, यह नादानी कर्मोका फल, आत्मामें भरा सब ज्ञान। आत्माको मन बुध्धिसे टटोलो, प्रगट हो जायेगा ज्ञान, ज्ञानसे ही मुक्ति मिले, और ज्ञानसे ही मिले है ज्ञान, हर जिव होता है आत्म ज्ञानी, माया करे है अज्ञान। माया भी है मात भवानी, पहेचाने वह है ज्ञान, कलियुगमें पहेचानना सरल है, शिवने दीया है वरदान, ज्ञान माया हर मंत्रमें बिराजे, श्रध्धासे प्रगटे है ज्ञान, ज्ञानमाया अज्ञानको हरले, प्रगट होता है ज्ञान। यह ज्ञान ही तो शिव विश्र्वास है, दर्शन शिव है ज्ञान, रग रग मंत्र बहेने लगे जब, हर श्र्वासमें ॐ ज्ञान, सहस्रासारे मिले शिव भवानी, सफल जिवनका अब ज्ञान। 🌹 *जय भगवान* 🌹 🖋 *शास...